आइये,अपने अपरिचित से मिलिये -सन 1952 से सोये हैं - सामाजिक क्रांति का हिस्सा बनिए ! नहीं तो,अभी नहीं तो,कभी नहीं

हम क्या हैं?

हम अनगिनत सरनेम(बरई,बरुई,बरुजीवी, चौरसिया, नाग,नागवंशी,भगत,राऊत,शर्मा,तिवारी,तमोली, तंबोली, भारद्वाज,कटियार,वर्मा और अनगिनत …..) से जाने जाते है और सनातन हिंदू धर्म के अभिन्न अंग हैं – लेकिन पिछले तीन पीढ़ी से लेकर आज का युवा भी नहीं समझ पा रहा कि हम ब्राह्मण, वैश्य या शूद्र में से हैं क्या ?🤔
यदि हम सनातन धर्म में हैं तो यह हम में से प्रत्येक के लिए जानना अनिवार्य आवश्यकता है।💪
जब हमें अपने आप को सही समझेंगें और दूसरे को गर्व से समझा पायेंगे तभी हम राजनीतिक या कोई भी भागीदारी किसी व्यवस्था से अधिकार के साथ ले सकते हैं।

पहले क्या थे,अब क्या हैं और भविष्य में क्या बनना चाहते हैं ?✊
अबतक का सबसे नवीनतम रिसर्च और कई वर्षों के गहन अध्ययन और प्रयास के बाद प्रख्यात लेखक ,प्राचार्य श्री रमेश चौरसिया जी द्वारा लिखित पुस्तक पढ़िए, जानिए, विश्लेषण कीजिए
https://chaurasiaworldtoday.com/listing/ramesh-chaurasiaprashant/

इस संबंध में आप में से प्रत्येक बंधु मौन न रहें।
😌 आप सब बहुत विद्वान हैं क्योंकि आप दुनिया की उथल पुथल पर बहुत ध्यान रखते हैं।🙏
अपने अनुभव, विचार, सलाह, आलोचना, ऐतिहासिक तथ्य आदि बेहिचक दें – सबका स्वागत है।🤝
-चित्तरंजन,09166831808

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