Written by Chaytanya Kumar

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  • 3 years ago
  • EDUCATION, LEADERSHIP, UNITY, रीति रिवाज

समाजसेवा
1-कोई व्यक्ति यदि मेला भंडारा करने जा रहा है ,तो उसको समझाबुझाकर उसे रोककर उस धन का उपयोग उसी के बच्चे की पढ़ाई में करा देना भी एक बहुत बड़ी सामाजिक सेवा है
2-कोई व्यक्ति यदि जन्मदिन मनाने या मृत्युभोज में अधिक खर्च करने जा रहा है तो उसे समझाबुझाकर जन्मदिन या मृत्युभोज का खर्च सीमित करा कर उस पैसे से उसके घर के किसी व्यक्ति के लिए दुकान करवा देना भी बहुत बड़ी समाज सेवा है ।
3-यदि अमुक व्यक्ति जो भंडारा ,बड़ा जन्मदिन मनाना ,बड़ा मृत्युभोज करने जा रहा है उसके कोई पढ़ने वाला बच्चा या बेरोजगार बच्चा नहीं है तब भी उसे समझाबुझाकर उसे ऐसा करने से रोक कर बचे धन से उसके भाई/रिस्तेदार के बच्चों की पढ़ाई में मदद करवा देना या भाई/रिस्तेदार के बच्चों को दुकान खोलवा देना भी बहुत बड़ी सामाजिक सेवा है
4-किसी का उधार लेकर समय से चुका देना भी सामाजिक सेवा है । क्योंकि आप द्वारा धन वापस करने के बाद वह व्यक्ति उसी पैसे को किसी अन्य के दुकान खोलने के लिए उधार दे सकता है । जिससे समाज के अन्य लोगों का भी कल्याण होगा
5-समाज का कोई भी नेता कहीं कार्यक्रम कर रहा है और यदि वहां भीड़ की आवश्यकता है तो आप बिना बुलाये ही वहां स्वयं भी जाएं तथा कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार कर अन्य लोगों को भी कार्यक्रम में जाने के लिए प्रोत्साहित करें ,यह भी एक बहुत बड़ी सामाजिक सेवा है ।
6-यदि किसी चुनाव में कोई समाज का व्यक्ति खड़ा हो तो यदि आप की उससे दुश्मनी भी है तब भी उसकी हर तरह से मदद करें तथा प्रचार-प्रसार कर उसे अपने समर्थकों जातिबिरादरी सहित अन्य समाज का वोट भी दिलवायें, यही सच्ची समाज सेवा है ।
7-आप कितने भी बड़े पद पर हों या कितना भी अमीर हों कभी भी अहम या घमंड का भाव न रखें, समाज में सबसे विनम्र रहें सबके प्रिय रहें सबसे शालीनतापूर्वक व्यवहार एवं बातचीत करें ,यह भी एक बहुत बड़ी समाजसेवा है ।
8-आपकी जानकारी में कहीं कोई नौकरी निकलती है या अन्य कोई जानकारी है जिससे समाज के किसी तबके को लाभ मिल सकता है चाहे शिक्षा में एडमीशन का मामला हो ,रोजगार का मामला हो या कोई अन्य जानकारी हो तो उसे लोगों को बताना तथा उसे चौरसिया सामाजिक विकास मंच पर डालना भी एक बहुत बड़ी सामाजिक सेवा है
9-आपस में प्यार मोहब्बत से रहना ,छोटी छोटी चीजों के लिए झगड़ा न करना ,तथा यदि झगड़ा हो ही गया तो आपस में मिल बैठकर झगड़ा निपटा लेना तथा पुलिस एवं मुकदमेंबाजी न करना भी एक बहुत बड़ी सामाजिक सेवा है ।
10-दारू न पीना ,कोई भी नशा न करना,दहेज के लिए बहु को प्रताड़ित न करना किसी से ईष्या द्वेष न रखना भी एक बहुत बड़ी सामाजिक सेवा है
आपका -रामसूरत चौरसिया

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