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बिहार में अब 17 जिलों में होगी पान की खेती

 20/02/20बिहार में अब मिथिलांचल और मगध इलाके के अलावा भी पान की खेती होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के बाद कृषि विभाग ने मगही पान की खेती के विकास की कार्ययोजना तैयार की है। कृषि विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पहले से चल रहे नवादा, नालंदा, गया और मधुबनी जिलों के अलावा अन्य 13 जिलों वैशाली, खगड़िया, दरभंगा, भागलपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, औरंगाबाद, शेखपुरा, बेगूसराय, सारण, सीवान और मुंगेर में पान शेडनेट की योजना चलाई जाएगी।

इन जिलों में कुल 100 पान शेडनेट इकाई योजनाओं को विकसित किया जाएगा, जिसमें प्रति इकाई 500 वर्ग मीटर क्षेत्र में पान की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इस हिसाब से राज्य के 15 जिलों में 50 हजार वर्ग मीटर में मगही पान की खेती होगी। पान की खेती में प्रति इकाई (500 वर्ग मीटर) शेडनेट में इकाई लागत 4.25 लाख पर 75 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कृषकों की आकर्षक योजना के तहत तैयार शेडनेट में पान की खेती वैज्ञानिक तरीके से कराई जाएगी।

संरक्षित कृषि के तहत शेडनेट के स्थायी संरचना का निर्माण, शेडनेट में ड्रिप व फगर से पटवन की व्यवस्था की जाएगी। इससे पान की गुणवत्तायुक्त पत्तियों के उत्पादन में वृद्घि होगी तथा पान में लगने वाली कीट-व्याधि के प्रकोप से बचाव भी होगा। शेडनेट के भीतर परवल, पोई, पपीता, अरवी, मिर्च, लौकी, ककड़ी, पालक, अदरक इत्यादि की सफलतापूर्वक मिश्रित खेती से किसानों की अतिरिक्त आमदनी का लाभ होगा।”

 बिहार के मगही पान को जीआई टैग मिल गया है। इससे मगही पान को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हो गई है।

Betel Cultivation in Bengal

More than 1.5 million farmers in Bengal are involved in the cultivation of betel. In Bengal, the plant is grown in the regions of Howrah, South 24 Parganas, Purba Medinipur and Uttar Dinajpur districts.  Bangla, Sanchi, Mitha, Kali Bangla and Simurali Bangla are some of the varieties grown in the state. Betel leaf farmers in Purba Medinipur and South 24 Parganas – the two West Bengal districts famous for the evergreen creeper. The two districts, aided by their climatic characteristics, happen to be a very important source for the famous and pricey ‘mitha (sweet) patta’ variety. Out of 25 blocks in Purba Medinipur, 10 blocks have intensive ‘paan’ farming. Over one lakh families are estimated to be involved in betel leaf cultivation in Purba Medinipur.These blocks are Nandakumar, Tamluk, Sahid Matangini, Moyna, Mahishadal, Ramnagar I and II, Egra and Nandigram.  Farming is undertaken in about 5,000 hectares. In South 24 Parganas, intensive betel leaf farming takes place in nine blocks out of the total of 29 blocks. The Southern part of the district is better known for the ‘mitha’ variety while in the Northern part, the ‘Bangla’ variety, which jells well with the state’s name, is major produce. In this district, the important ‘paan’ growing blocks are Sagar, Kakdwip, Namkhana, Patharpratima, Kulpi, Magrahat I, Budge, Budge II and Bishnupur I. The economy of Sagar is dependent almost entirely on betel leaf farming. In South 24 Parganas, nearly 40,000 families are involved.

Export sales are handled by the Agricultural Processed Food Products Export Development Authority. The important markets are Sri Lanka, Pakistan, Bangladesh, Bahrein, Saudi Arabia, etc. In 2018-19, exports stood at 13,195.43 tonnes valued at Rs 46.75 crore. According to Aswini Jana, who is also associated with Samyukta Panchasi Samity under UTUC, the district’s varieties that find a way to overseas markets are Mitha, Kali Bangla and Halud Pata.

For the record, use of ‘paan’ is a must in Hindu marriages. At lunches and dinners hosted to mark any occasion in the state, paan happens to be a must to treat the invitees after they have taken the food.

यह विशेष पन्ना सम्पूर्ण भारत व विदेश (यदि कोई हैं तो ) स्थित पान (BETEL) के सभी वर्गों के व्यापारियों के लिए समर्पित है ।आप सभी इसका लाभ उठाएँ ।

26 मई 2021 –अखिल भारतीय आदर्श चौरसिया महासभा दिल्ली महाराष्ट्र स्वयं सहायता समूह ने मिलकर कोरोना पजिटिप परिवारों की मदद करने की पहल की है कोविद मदद ग्रुप बनाकर वांटसब नम्बर जारी कर रहे है
कमलेश चौरसिया 9867817056 नीलेश चौरसिया 9819280988मुम्ब्ई पप्पू चौरसिया खारघर वांशी ,8104135615
शैलेन्द्र चौरसिया मुम्बई, 9821556924 राकेश प्र चौरसिया थाणे. 8692909146 राजेश चौरसिया थाणे, 9869387401
अजय शिव श चौरसिया, 9820096666 राजेश (पप्पू) चौरसिया मुम्बई 9820627578 दिनेश चौरसिया मलाड 9833032351
राम प्रसाद चौरसिया लोढा डोम्बेवली,9920889151 शैलेन्द्र नाग मुम्बई,9323043531 सुरेश चौरसिया भायंदर,8080069426 नीलेश परदेशी पुना,9819280988 मोहन चौरसिया कोल्हापुर नागपुर, 9325347023 अजय चौरसिया धुले भुसावल,8087898238
सुशील बरई कल्याण,9167313170 राकेश चौरसिया विक्रोली,8655,724314 खेदन लाल चौरसिया परेल,8433550677,8691922210
अनूप चौरसिया नालासुपारा,8691922210 चेतन चौरसिया अंबेवली,9594322088 जिसमें चौरसिया कोरोना पाजिटिव गरीब परिवार को भोजन सामग्री मास्क सैनिटाइजर दिया जा रहा है अभी तक 1000परिवारो को मास्क सैनिटाइजर और राशन सब्जी जैसी चीजे दी गयी हैं कोरोना होने वाले व्यक्ति के परिवारो को भोजन समस्या न् हो हम सभी यकी जिम्मेदारी बनती है अपने अपने क्षेत्रों में दुसरो की मदद करें यही सोचकर यह ग्रूप बनाया है आप भी आएं मानव धर्म निभाएं सामाजिक जिम्मेदारी उठाएं मजबूर असहाय गरीब परिवारोकी मदद करने के लिए हाथ बढाएं
– कमलेश चौरसिया,98678 17056
चौरसिया परिवार
महाराष्ट्र

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