Written by Chaytanya Kumar

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  • 5 years ago
  • COOPERATION, CORONA AFFECT, EDUCATION, FINANCIAL NEED, HEALTH, Help for HIGHER EDUCATION, LEADERSHIP, UNITY

हमारे अपने ही एक स्वजातीय चौरसिया समाज के परिवार के ऊपर एक ऐसी महाविपत्ति का पहाड़ खड़ा (आर्थिक) हो चुका है कि जिसको बयां करना बहुत मुश्किल है फिर भी संक्षेप में बताना उचित होगा।स्व. श्री राम नगीना चौरसिया (उम्र 36 वर्ष) (ग्राम_मनिकौरा, पोस्ट-मुडिला,जिला-महराजगंज, उत्तर प्रदेश -273162) जिनकी असामयिक व दुखद मृत्यु, कोरोना (20-05-2021) से हो चुकी है।

गुड़िया के पति (स्व. श्री राम नगीना चौरसिया) के मृत्यु के पूर्व ही उनके श्वसुर की मृत्यु सन् 2016 में पहले ही हो चुकी थी।जिससे घर का सारा जिम्मेदारी राम नगीना चौरसिया पर आ पड़ा।आप राजमिस्त्री का काम कर किसी तरह अपना घर परिवार चला रहे थे।इसी बीच राम नगीना चौरसिया जी, कोरोना पाज़िटिव हो गये।

घर के एक मात्र अभिभावक या पालनहार को बचाने के लिए घर की सारी लेई-पुंजी लगाकर उन्हें बचाने में भी हजारों रुपये घर के लोग खर्च कर दिये।

मगर 20-05-2021की काली रात्रि,उन्हें निगल ही गई।

राम नगीना चौरसिया अपने पीछे जिन अबोध बच्चों को ( मुस्कान चौ-13 वर्ष,पूजा चौ 11वर्ष,अजय चौ 9वर्ष, विजय चौ 6वर्ष) अपने पीछे छोड़ गये,

अब उनका पालन-पोषण कौन, कैसे, किस प्रकार होगा?

परिवार वालों की तथा अबोध बच्चों की हीन और असहाय दशा देखकर जिनके सिर से पिता का साया सदा सदा के लिए छीन चुका हो, उन्हें देखकर आंखों में बरबस ही आंसू छलक पड़ते हैं।

गुड़िया (चौरसिया) अब कहां जाये?

(बुढ़ी सास भी लाल खोकर अब बहु पर ही आश्रित हैं।)

कौन उसके बिलबिलाते बच्चों (भूख से तिलमिलाते) को “दो-जून की रोटी” देगा?

ग्राम के सज्जन और सम्मानित लोगों द्वारा स्व.श्री राम नगीना चौरसिया जी का क्रिया-कर्म (मृत्यु भोज) तो किसी प्रकार हो गया।

मगर वह अपने बच्चों की भूख को कैसे मिटाये?

शासन प्रशासन की तरफ से भी कोई राहत- राशि न मिला और न ही मिलने की कोई गुंजाइश दिखाई दे रही है।

अतः अब चौरसिया समाज का दायित्व बनता है कि अपने समाज की यह बेटी, किसी के आगे न गिड़गिड़ाये।

इस लिए आप सभी लोग दयालु कृपालु सम्मानित लोग स्वविवेक और यथासंभव १००,२००,३००,४००,५००,१०००,जो भी हो सके। उसके बैंक खाते में प्रेषित कर अपने चौरसिया समाज की बहन बेटी बच्चे को दूसरे के आगे हाथ फैलाने अवसर ही न दे।

(क्योंकि दस की लाठी एक का बोझ होता है।)

पोस्ट के नीचे कोरोना डेथ सर्टिफिकेट, पासबुक, आधार कार्ड,मां और बच्चों का फोटो भी है। आप लोग खुद भी देख सकते हैं।

आप अपने इस “गुड़िया” के नाम से बैंक में यथासंभव सहयोग राशि भेज सकते हैं।

नाम— (GUDIYA)खाता संख्या—75082723743IFSC CODE—-SBIN0RRPUGB


MOBILE NO—-8423630171
आप सभी का आर्थिक सहयोग अपेक्षित।

लेखक——-राम भवन चौरसिया,सम्पर्क नम्बर(9935243412)

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